Wednesday, August 5, 2009

बचपन

हो हल्ला मचाओ

नाच नाच के दिल को बहलाओ

उमड़ घुमड़ आए मेघा

जम के शोर मचाओ

खूब भागो खूब ढोल बजाओ

बिजली संग आँख मिचोली खेल दिखावो

उछालो नाचो गाओ

कागज़ की नाव चलाओ

खूब भिगो उधम मचाओ

फिर से बचपन में खो जाओ

कुछ इस तरह मेघा रानी का स्वागत करो

शीतल ठंडी फुहारों का लुफ्त उठावो

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