Sunday, January 3, 2010

ना कहो

कभी ना कहो अलविदा

भूलके सारे गिल्वे सीके

लगा लो जिन्दगी को फिर गले

कभी हंसाये जिन्दगी

कभी रुलाये जिन्दगी

जैसी भी है ह हसीन जिन्दगी

खुशी और गमों का सागर है जिन्दगी

जिन्दगी से लड़ना ही है जिन्दगी

जिन्दादिली की मिशाल है जिन्दगी

सीखलो सबक ये जिन्दगी

अब ना कभी कहो अलविदा ये जिंदगानी

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