Sunday, May 10, 2020

नयना

आँख मिचौली खेल रहे तेरे मेरे नयना l
सपनों में तुम जब आना बंद रखना अपने नयना ll

मिले जो नयन तो छलक पड़ेगें रैना l
पहेली बन फलक पर छाये रहे नयना ll

झुके पलकें जब तेरी शरमा जाए नयना l
सुरमई आँखों में आबाद रहे यह सुन्दर दुनिया ll

उठे तो उठे नजरें तेरे ही नयनों के जाम से l
बस नशा इन नयनों का बेपर्दा होने ना पाय ll

मैं पीता रहूँ तेरे नयनों के ख्यालातों से l
प्यास इन शुष्क लबों की बूझने कभी ना पाय ll

फरियाद करे रहे रोग लगे यह नयना l
मियाद खत्म होने ना पाए लुका छिपी मुलाकातों की ll

मौहलत थोड़ी और दे दे ए नयना l
ताउम्र ताबीर करूँगा उसके सुन्दर नयना की ll

बन गए गुलाम मेरे खोये खोये नयना l
नज़र मिलायी तुमने और बदनाम हो गए मेरे नयना ll

आँख मिचौली खेल रहे तेरे मेरे नयना l
आँख मिचौली खेल रहे तेरे मेरे नयना ll

2 comments:

  1. Replies
    1. आदरणीय शास्त्री जी
      हौशला अफजाई के लिए तहे दिल से शुक्रिया
      आभार
      मनोज

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