Sunday, January 4, 2026

महासमर

तहजीब बाजीयाँ मोगरा गुलाब कांटों खुशबुदारी की l

कायनात सहर भीगें नयनों अक्स ओस पहरेदारी की ll

 

स्वरांजलि दीप ध्वनि हिम पटल शिखर लहर मझधारों की l

गाथा चिंतन कहानी नयी बादलों के स्वरूप संसारों की ll

 

अंतरंगी धागे प्रचंड अलाव तपिश सुनहरी धूपों की I

क्षितिज मेरुदंड गुँथ रही इन्द्रधनुषी वैतरणी अनुरागों की ll

 

लिपिबद्ध हो केशवों झांझर मेहंदी पंखुड़ि हाथों की l

कह रही नयी चेतना काफिर आवारा हवाओं की ll

 

ख्यालातों के खाली ज़िल्द पर पानी स्याही अल्फाजों की l

लिख गयी नाजुक गठबंधन महासमर प्रयासों की ll

 


6 comments:

  1. सुंदर | नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें |

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    1. आदरणीय सुशील भाई साब ,
      आपका तहे दिल से धन्यवाद्

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  2. बहुत सुन्दर सृजन ।

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    1. आदरणीया मीना दीदी जी ,
      आपका तहे दिल से धन्यवाद्

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  3. बहुत सुंदर सृजन मनोज जी,नए साल की बहुत सारी शुभकामनाएँ

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    1. आदरणीया मधुलिका दीदी जी ,
      आपका तहे दिल से धन्यवाद् एवं आपको भी नए साल की शुभकामनायें

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