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POEMS BY MANOJ KAYAL

Thursday, May 7, 2026

आलिंगन

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तू ही मेरी वो पाठशाला जिस नदी का मैं ठहरा हुआ किनारा l संभली नहीं किताब वो कभी अक्स तेरा जिसमें लगे पुराना ll पेंसिल से नाम मेरा लिख मिटाना ...
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Saturday, April 18, 2026

पारिजात

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अक्सर आधी चाँदनी रातों को बाहें फैला आसमाँ से बातें करता हूँ l कहानी उसके गजरे खुशबु की पारिजात को सुनाया करता हूँ ll ललाट पर बिंदी की वो मो...
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Wednesday, April 8, 2026

अलमारी यादों की

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हृदय वात्सल्य स्पन्दन बादलों कश्ती सवार क़ुरबत खोजे तेरे पहलू पास l एहसास बंदगी आरज़ू फलसफा भूली देख फरिश्तें आयतें गहराई साथ ll खामोश गुजार...
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Tuesday, March 10, 2026

नीलामी

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कल बाजार वो मुर्दों का श्मशान सटोरियों को नीलामी बेच आया l मजमा लगा कब्जे का कब्र खोद चिताओं का आसमाँ बेच आया ll बेख्याली काफिर नींदों दुनिय...
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Wednesday, February 4, 2026

पीताम्बरी

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गोधूलि साँझ रिमझिम ओस लटों सेज क्षितिज धरा बेलों लाली से l मिट्टी धागों कायनात निखर आयी थी बुनकर चरखे सायों स्याही से ll कोरे सादे कागज मिथ्...
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