हृदय वात्सल्य स्पन्दन बादलों कश्ती सवार क़ुरबत खोजे तेरे पहलू पास l
एहसास बंदगी आरज़ू फलसफा भूली देख फरिश्तें आयतें गहराई साथ ll
खामोश गुजारिशें अल्फाजें आफताब जुस्तजू हसरतों मेहंदी रातों की बात l
मासूम स्वप्निल इश्क मुख्तसर क़ासिद भेजे ताज महल सी फरियादी आस ll
गुस्ताखियां नाजुक लबों खोई कोई कमसिन सुनहरी जादुई आवाज l
मुन्तजिर तलाश रही फासलों रुकी हर लहजे सुकून भरी वसल आगाज ll
दिवास्वप्न सरगोशी सी गूँजती मेघ मल्हारों तरुणी सोंधी सोंधी तरंग मुस्कान l
कई खतों पैगाम बादलों ने लिख भेजे आगोश सितारों आरज़ू माहताब नाम ll
अलमारी यादों की गुफ़्तगू करती लकीरें हाथों फकत रहनुमों बरसातों साथ l
रिवायतें साहिलों की तोहफा नजराना दे आयी तेरे पाकीजा नूर अंदाजों साथ ll
क्या बात है! बहुत खूब!
ReplyDeleteआदरणीय जितेन्द्र भाई साब
Deleteसुंदर शब्दों से हौशला अफ़ज़ाई के लिए तहे दिल से धन्यवाद
अलमारी यादों की गुफ़्तगू करती लकीरें हाथों फकत रहनुमों बरसातों साथ l
ReplyDeleteरिवायतें साहिलों की तोहफा नजराना दे आयी तेरे पाकीजा नूर अंदाजों साथ ll। बहुत खूब मनोज जी
Deleteआदरणीया मधुलिका दीदी जी
ह्रदय तल से आपका आभार, आपका प्रोत्साहन ही सही मायने में मेरी लेखनी का ऊर्जा स्त्रोत हैं
आभार दीदी जी
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