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POEMS BY MANOJ KAYAL

Tuesday, October 12, 2010

सच्चे ख्वाब

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तम्मनाये दिल में अठखेलिया करती है ख्वाब सच होने के सपने संजोते है सपने सच हो या ना हो दिल में उमीद की किरण दिव्यमान करती है बुलंद हौसलों की ...

शेरावाली

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ओ माँ शेरावाली ओ माये लेके खाली झोली आये तेरे द्वारे भर दिए अन्न धन के भंडारे मुझ निर्धन की कुटिया में आये ओ माँ शेरावाली ओ माये जब बबी पुका...
Friday, October 8, 2010

तक़दीर

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किस्मत खुदा ने लिख दी तक़दीर हमने खुद बना ली ह़र हार में भी जीत की खुशबू महका दी कुदरत देखती रह गयी ओर काँटों की राहों को फूलों की सेज बना द...

मीठी यादें

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भीगीं भीगीं सी तेरी यादें महकी महकी सी तेरी साँसे भीनी भीनी सी दिल की फिजाए ओ यारा होले होले जले मन सारा तडपे जिया खोजे तेरी बाहों का सहारा ...
Sunday, October 3, 2010

आँखों ही आँखों

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बेजुबा होती है दिल की जुबा आँखे बया करती है दिल का हाल रोग है ऐसा धड़कने देतीहै सिर्फ साथ बिन कुछ कहे तभी हो जाता है आँखों ही आँखों में प्यार...
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