तहजीब बाजीयाँ मोगरा गुलाब
कांटों खुशबुदारी की
l
कायनात सहर भीगें
नयनों अक्स ओस पहरेदारी की ll
स्वरांजलि दीप ध्वनि
हिम पटल शिखर
लहर मझधारों की
l
गाथा चिंतन कहानी
नयी बादलों के
स्वरूप संसारों की
ll
अंतरंगी धागे प्रचंड
अलाव तपिश सुनहरी
धूपों की I
क्षितिज मेरुदंड गुँथ रही
इन्द्रधनुषी वैतरणी अनुरागों
की ll
लिपिबद्ध हो केशवों
झांझर मेहंदी पंखुड़ि
हाथों की l
कह रही नयी
चेतना काफिर आवारा
हवाओं की ll
ख्यालातों के खाली
ज़िल्द पर पानी स्याही अल्फाजों
की l
लिख गयी नाजुक
गठबंधन महासमर प्रयासों
की ll
सुंदर | नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें |
ReplyDeleteआदरणीय सुशील भाई साब ,
Deleteआपका तहे दिल से धन्यवाद्
बहुत सुन्दर सृजन ।
ReplyDeleteआदरणीया मीना दीदी जी ,
Deleteआपका तहे दिल से धन्यवाद्
बहुत सुंदर सृजन मनोज जी,नए साल की बहुत सारी शुभकामनाएँ
ReplyDeleteआदरणीया मधुलिका दीदी जी ,
Deleteआपका तहे दिल से धन्यवाद् एवं आपको भी नए साल की शुभकामनायें