Thursday, December 17, 2020

साथ

तू हुनरमंद मैं बेफिक्रे आलम l
चल सौदा अहसासों का करते हैं ll

कुछ अजनबी मोड़ से टकरा रही जिंदगी l
दुरस्त बातों जज्बातों को करते हैं ll

सफ़र जो पीछे छूट गया l
वो काफ़िरानों की बस्ती सी हैं ll

बंजारा सा था बेवकूफ़ यह मन l
पिरो ना पाया रिश्तों के पल ll

ठहरा हुआ मंजर खोया खोया आसमां था l
फीके फीके रंग ढले अस्त हो रहा महताब था ll

प्यासे कंठ और रह नहीं सकता l
अवरुद्ध चाहतों को और कर नहीं सकता ll

उजागर कर दू हर वो बात l
तोड़ दू सारे बंधन सारे जज्बात ll

मिल जाए इस सौदे में जो तेरा साथ l
भर दूँ रंग हर गलियों के अहसास  ll  

28 comments:

  1. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज गुरुवार 17 दिसंबर 2020 को साझा की गई है.... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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    1. आदरणीया यशोदा दीदी जी
      मेरी रचना को अपना मंच प्रदान करने के लिए शुक्रिया
      आभार

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    1. आदरणीय शिवम् जी
      हौशला अफ़ज़ाई के लिए दिल से शुक्रिया
      आभार

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  3. वाह!!!
    मिल जाए इस सौदे में जो तेरा साथ l
    भर दूँ रंग हर गलियों के अहसास ll
    बहुत सुन्दर।

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    1. आदरणीया सुधा दीदी जी
      हौशला अफ़ज़ाई के लिए दिल से शुक्रिया
      आभार

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  4. कुछ अजनबी मोड़ से टकरा रही जिंदगी l
    दुरस्त बातों जज्बातों को करते हैं ll
    अति सुन्दर ।

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    1. आदरणीया मीना दीदी जी
      हौशला अफ़ज़ाई के लिए दिल से शुक्रिया
      आभार

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  5. बहुत ही सुंदर सृजन।

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    1. आदरणीया अनीता दीदी जी
      हौशला अफ़ज़ाई के लिए दिल से शुक्रिया
      आभार

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    1. आदरणीय शास्त्री जी
      मार्गदर्शन एवं हौशला अफ़ज़ाई के लिए तहे दिल से शुक्रिया
      आभार

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  7. सुन्दर प्रस्तुति

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    1. आदरणीय ओंकार जी
      मेरी रचना पसंद करने के लिए शुक्रिया
      आभार

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    1. आदरणीय शांतनु जी
      मेरी रचना पसंद करने के लिए शुक्रिया
      आभार

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  9. बहुत सुंदर रचना।

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    1. आदरणीया श्वेता दीदी जी
      हौशला अफ़ज़ाई के लिए दिल से शुक्रिया
      आभार

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  10. खूबसूरत अहसासों से भरी उम्दा कृति..।

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    1. आदरणीया जिज्ञासा दीदी जी
      हौशला अफ़ज़ाई के लिए दिल से शुक्रिया
      आभार

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  11. बेहतरीन लफ्ज़ ।

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    1. आदरणीया अमृता दीदी जी
      हौशला अफ़ज़ाई के लिए दिल से शुक्रिया
      आभार

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  12. Replies
    1. आदरणीय आलोक जी
      मेरी रचना पसंद करने के लिए शुक्रिया
      आभार

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  13. दो का दम काफी है नक़्शे को बदलने के लिए

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    1. आदरणीया कविता दीदी जी
      हौशला अफ़ज़ाई के लिए दिल से शुक्रिया
      आभार

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  14. बहुत ही सुंदर सृजन।

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  15. आदरणीया सघु दीदी जी
    हौशला अफ़ज़ाई के लिए दिल से शुक्रिया
    आभार

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