तहजीब बाजीयाँ मोगरा गुलाब
कांटों खुशबुदारी की
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कायनात सहर भीगें
नयनों अक्स ओस पहरेदारी की ll
स्वरांजलि दीप ध्वनि
हिम पटल शिखर
लहर मझधारों की
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गाथा चिंतन कहानी
नयी बादलों के
स्वरूप संसारों की
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अंतरंगी धागे प्रचंड
अलाव तपिश सुनहरी
धूपों की I
क्षितिज मेरुदंड गुँथ रही
इन्द्रधनुषी वैतरणी अनुरागों
की ll
लिपिबद्ध हो केशवों
झांझर मेहंदी पंखुड़ि
हाथों की l
कह रही नयी
चेतना काफिर आवारा
हवाओं की ll
ख्यालातों के खाली
ज़िल्द पर पानी स्याही अल्फाजों
की l
लिख गयी नाजुक
गठबंधन महासमर प्रयासों
की ll
सुंदर | नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें |
ReplyDeleteबहुत सुन्दर सृजन ।
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