मंजिल नहीं अब कोई
जिन्दगी सिमट गई बाहों में तेरी
मिल गया जो प्यार तेरा
यूँ लगा मिल गया सारा जहाँ
दिया तुने इतना यार
लुटा दिया सारा प्यार
काबिल मैं ना था
पर बना दिया तुमने
सबसे खुशनसीब इंसान
मंजिल नहीं अब कोई
जिन्दगी सिमट गई बाहों में तेरी
मिल गया जो प्यार तेरा
यूँ लगा मिल गया सारा जहाँ
दिया तुने इतना यार
लुटा दिया सारा प्यार
काबिल मैं ना था
पर बना दिया तुमने
सबसे खुशनसीब इंसान
शब्द जो आये अभी ध्यान
दूसरे पल ही हो जाये अंतर्ध्यान
कर लिया अगर कलम बंद
तो रह जाये याद
वरना फिर तो मुश्किल
करना उसे पुन्ह याद
ह़र पल बदलते भावों में
संभव नहीं मिले उसी का ध्यान
शब्द जो हो गया अंतर्ध्यान
लड्क्पन से जवानी तक मचलता रहा दिल
पर मिला ना ऐसा कोई
संग जिसके मिले खुशियाँ ढेर सारी
कितनी अजब ये कहानी
जिसमे कभी ना जिन्दगी झांकी
तन्हा तन्हा रातें बदलती साँसे
महफूज प्यार की किरणों से
उम्मीद की साँसे
ख़त्म तन्हाई की वो रातें
मिले साँसों से साँसे
सोचा था मिलेगे कभी तो
बिछड़े दो दिल कहीं तो
पर हुआ ना ऐसा अभी तक
लटक गयी जिन्दगी कब्र पर
बची है जो साँसे अभी तक
खुदा करे आके मिलो तुम एक पल
हसरतें इन चन्द घड़ियों में हो जाये पूरी
मिल जाये एक नयी जिन्दगी हमें भी