उनकी एक हसीं से रंगों के गुलाल खिल गये
अधरों पर मानों गीत मधुर सज गये
चेहरे से नक़ाब जो सरक गया
तमस को चीर आफ़ताब खिल गये
बरसते लावण्य में भींगे सौंदर्य से
जैसे रूप अप्सरा यौवन खिल गये
देख मदहोशी की इस मधुशाला को
फिजाँ भी नशे में बल खाकर बहकने लगे
मानो वक़्त से पहले ही
चमन में सावन झूमने लगे
चमन में सावन झूमने लगे
अधरों पर मानों गीत मधुर सज गये
चेहरे से नक़ाब जो सरक गया
तमस को चीर आफ़ताब खिल गये
बरसते लावण्य में भींगे सौंदर्य से
जैसे रूप अप्सरा यौवन खिल गये
देख मदहोशी की इस मधुशाला को
फिजाँ भी नशे में बल खाकर बहकने लगे
मानो वक़्त से पहले ही
चमन में सावन झूमने लगे
चमन में सावन झूमने लगे