Monday, December 8, 2014

नजर

जिन्दगी को तेरी नजर लग गयी

कुछ ओर नहीं बस तेरी तलब लग गयी

ख्यालों में भी तेरे तसब्बुर ने जगह ले ली

धुँधली थी जो तस्वीर

वो साया बन गयी

मेरी आरज़ू को तेरी नजर लग गयी

महफ़िल की शमा भी जज्बातों को रोक ना पायी

भीड़ भी तन्हाई के आलम को तोड़ नहीं पायी

दिल के इस रिश्ते को तू समझ ना पायी

रुसवाई तेरी नादान दिल को रास ना आयी

ओर चाहत तेरी मेरे दिल का दर्द बन आयी

 मेरी आरज़ू को तेरी नजर लगआयी

जिन्दगी को तेरी नजर लग आयी 

कुछ ओर नहीं बस तेरी तलब लग आयी 

जिन्दगी को तेरी नजर लग आयी 

Thursday, November 13, 2014

बदनाम

खामोश लव कुछ कहने को बेक़रार है

संग दिल ना बन सनम

टूट कर तुम्हें प्यार करने को बेताब है

तरस गयी निगाहें दीदार को तेरे

नजरअंदाज ऐसे कर

जिंदगी से रुसवा ना कर

अफ़साना जो परवान चढ़ा

बेवफ़ा कह उसे यूँ बदनाम ना कर

बेवफ़ा कह उसे यूँ बदनाम ना कर

Tuesday, October 21, 2014

अर्धसत्य

अर्ध सत्य दुनिया दिखलाती है

नजारा कुछ ऐसा दिखलाती है 

धुंध के चादर में लिपटे सितारों को

जैसे चाँद बताती है

छटे कोहरे के बादल पहले इसके

अपने तिल्सिम का हुनर दिखलाती है

बेजुबाँ में भी जुबां बतलाती है

ऐतबार ऐसा दिखलाती है

जो ह नहीं उसके सपने दिखलाती है

वाकई हर अंदाज में

एक नयी उपस्तिथि दर्ज कराती है

मासूमियत की आड़ में

लुटेरों का संसार चलाती है

अर्धसत्य दुनिया दिखलाती है

अर्धसत्य दुनिया दिखलाती है  

Tuesday, October 7, 2014

उम्मीद

ख़ामोशी से दुनिया अपनी लुटती मैं देखता रहा

मेरी बर्बादी पे वो पागलों की तरह हँसते रहे

वफ़ा के बदले बेवफाई के सितम सहते रहा

दिल के हाथों मजबूर

जज्बातों के आवेग में बहता रहा

पर किस्मत को रास ना आयी ये दोस्ती

एक बेवफा से दिल लगाने की भूल कर बैठा

खिलौना बन कठपुतली की तरह

उसके इशारों पे नाचता रहा

फिर भी बेवफा से वफ़ा की उम्मीद करता रहा

Wednesday, October 1, 2014

रिश्तों से डर

रिश्तों से डर लगता है अब

किसी को अपना कहने से भय लगता है अब

रिश्तों को भूल अपने ही

पराये बन जाए सपनें जैसे जब

कैसे नाता उनसे जोड़े तब

कच्चे धागे की इस डोर को

जोड़े फिर कैसे हम

रिश्तों से डर लगता है अब

बार बार के तानों से ही

रिश्तों को जो यह नया आयाम मिला

मुकाम रिश्तों का फिर एक नया बना

रिश्तों का इसीलिए यह अंजाम हुआ

किसी को अपना कहने का अब दुःसाहस ना हुआ

और रिश्तों से भय लगने लगा है अब