Sunday, December 6, 2009

दिल की गिटार

क्यों हो रही हो खफा यार

बजने दे दिल की गिटार

बुला रही है तुम्हे मेरे दिल की सितार

चली आओ जाने बहार

मौसम भी खुश मिजाज

तेरे संग की मुझको है दरकार

भुला के सारी बात

सुनले प्रेम आलाप

मधुवन में कर रहा हु तेरा इन्तजार

तुम ही हो मेरी जाने बहार

मिलने तुमको नाच रहा है

मयूर मन बार बार

उड़ के चली आ मेरे पास

सुनाऊ तुमको प्यार भरी राग

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