Saturday, January 20, 2024

ll अश्रुधार ll

तेरे सहर की दर्पण भीड़ में भींगी पलकों टूटा था एक आईना l

अश्कों जुनून साहिल बिखरा था हज़ारों बिन रंगों बरसात का ll


किरदार जुदा था आइने वजूद के उस नीले अम्बर महताब का l

बंद पलकों उस कशिश लहू राज छुपे थे मोतियों अश्रुधार का ll


काश्तकार था यह इजहार इश्तहार इस अजूबी दस्तकार का l

पढ़ समझ ना सका धुन्ध बूँद लिपटी धुन इस कलमाकार का ll


आवारा बादल मूँदी मूँदी आँखें इस खाली खाली दिल मकां रात का l

था तमअदृश्य सजली चकोर रूह बदलती गहरी परछाई साथ का ll


गूँज रहा जिक्र कहीं कहीं सिर्फ तेरी इस गुमनाम अलबेली साँझ का l

परवाज भरते आईनों ने हज़ारों परवान बिखेरे तेरे अक्स आकर का ll

11 comments:

  1. गूँज रहा जिक्र कहीं कहीं सिर्फ तेरी इस गुमनाम अलबेली साँझ का l

    परवाज भरते आईनों ने हज़ारों परवान बिखेरे तेरे अक्स आकार का ll
    आपकी लेखनी भावों का शब्द चित्र उकेरने में पारंगत है । अति सुन्दर सृजन ।

    ReplyDelete
    Replies
    1. आदरणीया मीना दीदी जी
      ह्रदय तल से आपका आभार, आपका प्रोत्साहन ही सही मायने में मेरी लेखनी का ऊर्जा स्त्रोत हैं

      Delete
  2. Replies
    1. आदरणीय सुशील भाई साब
      सुंदर शब्दों से हौशला अफ़ज़ाई के लिए तहे दिल से धन्यवाद

      Delete

  3. आवारा बादल मूँदी मूँदी आँखें इस खाली खाली दिल मकां रात का l

    था तमअदृश्य सजली चकोर रूह बदलती गहरी परछाई साथ का ll बहुत ही भावपूर्ण लाइनें,कभी कभी लगता है आप को मैं गुरु बनाकर बहुत कुछ सीखूँ, आदरणीय शुभकामनाएँ

    ReplyDelete
    Replies
    1. आदरणीया मधुलिका दीदी जी
      बहन का दर्जा माँ समान हैं, आपका आर्शीवाद मेरी लेखनी पर बना रहे यही इस भाई की उम्मीद हैं, आप सभी से बहुत कुछ सिखने को मिलता हैं जो मेरे लिए प्रेरणादायिनी संजीव बूटी है।

      Delete
  4. दिगंबर नासवाJanuary 31, 2024 at 4:44 PM

    आहा बहुत खूब कहा है

    ReplyDelete
    Replies
    1. आदरणीय दिगंबर भाई साब
      सुंदर शब्दों से हौशला अफ़ज़ाई के लिए तहे दिल से धन्यवाद

      Delete
  5. काश्तकार था यह इजहार इश्तहार इस अजूबी दस्तकार का l

    पढ़ समझ ना सका धुन्ध बूँद लिपटी धुन इस कलमाकार का ll
    वाह!!!
    बहुत ही सुन्दर...
    लाजवाब ।

    ReplyDelete
  6. Kayal ji, वाकई में आपकी रचना कायल करने वाली होती। बहुत सुंदर सृजन।

    ReplyDelete
    Replies
    1. आदरणीया रूपा दीदी जी
      सुंदर शब्दों से हौशला अफ़ज़ाई के लिए तहे दिल से धन्यवाद

      Delete