Tuesday, December 1, 2009

बेखबर

बेखबर हम ही थे

यक़ीनन वो तुम ही थे

नादां तुम भी थे तभी

रह गई थी बात अधूरी

जो हम समझ न सके

वो तुम भी कह न सके

बनके अजनबी चाहत तलाशते रहे

पर करते है प्यार तुम्ही से कह न सके

तेरे दीवाने

ख़बर हो गई ज़माने को

साजिश कोई थी मुझ से दिल लगाने को

राज जो अब तलक दफ़न था दिलो में

पता चल गया दिलवालों को

हो गए है हम भी तेरे दीवाने

ख़बर हो गई ज़माने को

विचार

करना है क्या विचार

जब हम करते है तुम से प्यार

रच गई मेहंदी तुम्हारे हाथ

आ पहुँची मेरी बारात तेरे द्वार

करले अब सोलह श्रृंगार

बन मेरी दुल्हन चल पड़ मेरे साथ

परख

ईमानदारी से किया गया प्रयास

सफलता की कशोटी पे खरा होता है

परख तभी होती है

जब मुसीबत आन पड़ती है

धेर्य और संयम से लिया निर्णय ही

कामयाबी की कुंजी होती है

पालनहार

ओ जीवन खवैया रे सुनलो मेरी पुकार

करादो मुझको भी भवसागर पार

लहरों की मस्ती में टूट न जाए मेरी नाव

करदो मेरा भी बेडा पार

सुन के चले आओ मेरी करुण पुकार

ओ सबके पालनहार

शरण में मुझको भी ले लो आज

मिटा दो मेरा संताप

करादो भवसागर पार

ओ जगत के पालनहार