बेखबर हम ही थे
यक़ीनन वो तुम ही थे
नादां तुम भी थे तभी
रह गई थी बात अधूरी
जो हम समझ न सके
वो तुम भी कह न सके
बनके अजनबी चाहत तलाशते रहे
पर करते है प्यार तुम्ही से कह न सके
बेखबर हम ही थे
यक़ीनन वो तुम ही थे
नादां तुम भी थे तभी
रह गई थी बात अधूरी
जो हम समझ न सके
वो तुम भी कह न सके
बनके अजनबी चाहत तलाशते रहे
पर करते है प्यार तुम्ही से कह न सके
ख़बर हो गई ज़माने को
साजिश कोई थी मुझ से दिल लगाने को
राज जो अब तलक दफ़न था दिलो में
पता चल गया दिलवालों को
हो गए है हम भी तेरे दीवाने
ख़बर हो गई ज़माने को
करना है क्या विचार
जब हम करते है तुम से प्यार
रच गई मेहंदी तुम्हारे हाथ
आ पहुँची मेरी बारात तेरे द्वार
करले अब सोलह श्रृंगार
बन मेरी दुल्हन चल पड़ मेरे साथ
ईमानदारी से किया गया प्रयास
सफलता की कशोटी पे खरा होता है
परख तभी होती है
जब मुसीबत आन पड़ती है
धेर्य और संयम से लिया निर्णय ही
कामयाबी की कुंजी होती है
ओ जीवन खवैया रे सुनलो मेरी पुकार
करादो मुझको भी भवसागर पार
लहरों की मस्ती में टूट न जाए मेरी नाव
करदो मेरा भी बेडा पार
सुन के चले आओ मेरी करुण पुकार
ओ सबके पालनहार
शरण में मुझको भी ले लो आज
मिटा दो मेरा संताप
करादो भवसागर पार
ओ जगत के पालनहार