Saturday, September 26, 2009

पहचान

रंगत है गुलाल की

खुशबू है गुलाब की

धडके जो दिल में

पहचान है प्यार की

चाँदनी है चाँद की

मादकता है शराब की

तस्बीर जिनकी नजरो में

पहचान है आशिके गुलाम की

श्याम रंग

मैं तो खेलू होली मेरे सावरिया गिरधारी के संग

नाचू खूब उडाऊ गुलाल मुरली मधुर की बांसुरी तान पे

श्याम वरन रंग जाऊ अपने नटवर के साथ

मोहे भाये ना कोई दूजा रंग प्यारा लागे श्याम रंग

मैं तो खेलू होली मेरे माखन चोर के संग

रिश्ता

रिश्ता प्यार भरा हो

जिसमे अपनापन हो

फूलो की तरह जो महके

पंछियों की तरह जो चहके

संगीत की जिसमे सरगम हो

नगमो की जिसमे साज हो

ईश्वर की जिसमे आराधना हो

ऐसा रिश्ता मेरा तेरा हो

मुलाकात

करले करले तू एक मुलाकात करले

ना चाहते हुए भी हम से प्यार करले

करले करले तू एक मुलाकात करले

थोडी सी मोहलत हम को तू दे दे

दिल अपना दिखलाने की इज्जाजत दे दे

करले करले तू एक मुलाकात करले

थोडी इज्जाजत हम को भी दे दे

एक बार प्यार करने का मोका हम को भी दे दे

करले करले तू एक मुलाकात करले

प्यार के जहा में खो जाने की इज्जाजत दे दे

प्यार में दुनिया भूल जाने का सबक हम से सीख ले

करले करले तू एक मुलाकात करले

हसीन तोहफा

मैं अपने प्यार को एक हसीन तोहफा दू

ताजमहल से खूबसरत नजराना दू

सात जन्मो तक साथ निभे

ऐसा कुछ खास उपहार दू

सात फेरो के साथ उसे

जीवन अर्धांगी बनाऊ