Monday, February 22, 2010

नींद नहीं

नींद नहीं है आँखों में जबसे

तुम मिले आके सपनों में जबसे

करवटे बदल रहे है उसी पल से

ढूंढ़ रहे है सितारों में तुम्हे उसी पल से

पलक झपकती नहीं एक पल के लिए

सपना कहीं टूट ना जाये एक पल के लिए

नींद अब बस आती नहीं उस दिन से

तेरी तस्वीर बनी इन आँखों में जिस दिन से

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