Monday, April 8, 2019

सारांश

संक्षेप में वृत्तांत सुनाऊ

सार का सारांश बतलाऊ

परिदृश्य कोई भी हो

किनारा भूमिका मंडित कर

मूल आलेख जागृत कर पाऊ

आक्षेप कोई लगे ना दामन

रचना सहज वर्णन कर पाऊ

ताम्रपत्रों पर गूँथ शब्दों को

लेखनी अमर कर पाऊ

सृजन कर भाव भंगिमा

पटककथा व्यक्त कर पाऊ

सिद्धांत अभिव्यक्त मंच पटल

प्रेरणा स्त्रोत्र प्रदान कर पाऊ

सुगम सरल परिभाषा में

गुड़ सार पूर्णतः बयां कर पाऊ

ख्वाईश है कोशिश सफल कर

चाँद सितारों में शुमार हो जाऊ   

1 comment:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (10-04-2019) को "यन्त्र-तन्त्र का मन्त्र" (चर्चा अंक-3301) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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