Monday, November 1, 2021

आईने के रंग

रिवाजों से परे इश्क लगा जब से l 
गली के मोड़ वाली उस लड़की से ll

फितूर बदल आईने ने अजनबी बना दिया l 
हमें अपने ही शहर के गली चौराहों में ll

एक पल उसे निहारने के अंदाज़ से l 
तकाजा बदल गया उसके पहनाव में ll

उसके बरामदे से आती आहटों पर l 
निगाहें अटकी होती उसके इंतजार में ll

गुजरती जब वो मुस्काती हुईं पास से l 
थम जाती साँसें उस एक पल आस में ll

गुलाब जो लिया थमा दूँ उसके हाथों में l 
गजरा सजा दूँ उसके लंबे लंबे बालों में ll

उलझा बुनता रहाअपने खयालों के जाल l 
पर कह ना पाया उससे कभी दिल की बात ll

अधूरा रह गया पैमाना इस इश्क का l 
छलक ना पाए संग उसके इश्क के जाम ll

दस्तूर रंग सब बदल गया उस आईने का l 
इश्क हुआ जब से गली वाली उस लड़की साथ ll

24 comments:

  1. Replies
    1. आदरणीय सुशील भाई साहब
      सुन्दर प्रेरणादायक शब्दों से उत्साहित करने के लिए आपका तहे दिल से शुक्रगुज़ार....
      सादर

      Delete
  2. सादर नमस्कार ,

    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (2-11-21) को "रहे साथ में शारदे, गौरी और गणेश" (चर्चा अंक 4235) पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है..आप की उपस्थिति मंच की शोभा बढ़ायेगी .
    --
    कामिनी सिन्हा

    ReplyDelete
    Replies
    1. आदरणीया कामिनी दीदी जी
      मेरी रचना को अपना मंच प्रदान करने के लिये तहे दिल से शुक्रगुजार हूँ l
      आभार

      Delete
  3. Replies
    1. आदरणीया सुजाता दीदी जी
      सुन्दर प्रेरणा दायक शब्दों से होंसला अफजाई के तहे दिल से आपका शुक्रिया
      सादर

      Delete
  4. आपकी इस प्रविष्टि के लिंक की चर्चा कल बुधवार (03-11-2021) को चर्चा मंच        "रूप चौदस-एक दीपक जल रहा"   (चर्चा अंक-4236)      पर भी होगी!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य यह है कि आप उपरोक्त लिंक पर पधार करचर्चा मंच के अंक का अवलोकन करे और अपनी मूल्यवान प्रतिक्रिया से अवगत करायें।
    -- 
    दीपावली से जुड़े पंच पर्वों कीहार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'   

    ReplyDelete
    Replies
    1. आदरणीय शास्त्री सर जी
      मेरी रचना को अपना मंच प्रदान करने के लिये तहे दिल से शुक्रगुजार हूँ l
      आपको भी दीपावली की ढेरों शुभकामनाएं l

      आभार

      Delete
  5. सुंदर सराहनीय सृजन ।

    ReplyDelete
    Replies
    1. आदरणीया जिज्ञासा दीदी जी
      सुन्दर प्रेरणा दायक शब्दों से होंसला अफजाई के तहे दिल से आपका शुक्रिया
      सादर

      Delete
  6. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" बुधवार 3 नवंबर 2021 को लिंक की जाएगी ....

    http://halchalwith5links.blogspot.in
    पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!
    !

    ReplyDelete
    Replies
    1. आदरणीया पम्मी दीदी जी
      मेरी रचना को अपना मंच प्रदान करने के लिये तहे दिल से शुक्रगुजार हूँ l
      आभार

      Delete
  7. उम्दा ग़ज़ल।
    सुंदर।

    ReplyDelete
    Replies
    1. आदरणीया कुसुम दीदी जी
      सुन्दर प्रेरणा दायक शब्दों से होंसला अफजाई के तहे दिल से आपका शुक्रिया
      सादर

      Delete
  8. इश्क की आम दास्तां बड़े खास अंदाज में। बहुत सरस और मधुर रचना के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रिय मनोज।
    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं आपके लिए।

    ReplyDelete
    Replies
    1. आदरणीया रेणु दीदी जी
      सुन्दर प्रेरणा दायक शब्दों से होंसला अफजाई के तहे दिल से आपका शुक्रिया
      सादर

      Delete
  9. रिवाजों से परे इश्क लगा जब से l
    गली के मोड़ वाली उस लड़की से ll👌👌👌👌

    ReplyDelete
    Replies
    1. आदरणीया रेणु दीदी जी
      आपको भी दीपावली की ढेरों शुभकामनाएं l

      Delete
  10. Replies
    1. आदरणीय विकास भाई साहब
      सुन्दर प्रेरणादायक शब्दों से उत्साहित करने के लिए आपका तहे दिल से शुक्रगुज़ार....
      सादर

      Delete
  11. रिवाजों से परे इश्क लगा जब से l
    गली के मोड़ वाली उस लड़की से ll',,,,, बहुत शानदार ,आप की रचना की जितनी भी तारीफ़ की जाए कम है,दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ ।

    ReplyDelete
    Replies
    1. आदरणीया मधुलिका दीदी जी
      सुन्दर प्रेरणा दायक शब्दों से होंसला अफजाई के तहे दिल से आपका शुक्रिया
      आपको भी दीपावली की ढेरों शुभकामनाएं l
      सादर

      Delete
  12. Replies
    1. आदरणीय शिवम् भाई साहब
      सुन्दर प्रेरणादायक शब्दों से उत्साहित करने के लिए आपका तहे दिल से शुक्रगुज़ार....
      सादर

      Delete