Sunday, January 31, 2010

रात ना गुजरे

चन्दा तू होले होले चल

रात इतनी जल्दी जाये ना गुजर

करले जी भर बातें प्रियतम संग हम

बस रखना तेरी चांदनी को थोडा काम

घूँघट जब सरकेगा निकलेगा मेरा भी चाँद तब

देख के उसको छिप ना जाना झट

चन्दा मेरे थोडा तो ठहर

जब तलक ना हो दीदार तब तलक तो ठहर

मिलन के इस पल का तू गवाह तो बन

चन्दा तू होले होले चल

ये रात इतनी जल्दी जाये ना गुजर

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