Saturday, July 18, 2009

चिता

जलती चिता देख मन फिर व्याकुल हो उठा

दिल को फिर यह अहसास हो चला

मौत अटल सत्य है

ये विधि का विधान है

आने वाले को पुन: जाना है

मर कर भी अमर रहना तो

वाणी को अमृत बनाना है

कंठ में सरस्वती को बिठाना है

दिल ने कहा है शरीर के बजाय

लोगों के दिलो में बास करना है

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