Thursday, May 27, 2010

दुआ रब से

खाब्बों में ख्यालों में

अक्सर मिल जाते है

दिल की राहों में

पर चले क्यों जाते है

जब खुल जाती है आँखे

काश सपना सच हो जाये ये

तुम हमको मिल जाओ बस

दुआ रब से करते है बस यही अब

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