Thursday, October 29, 2009

राम

भटकता रहा चहु ओर

शान्ति मिली ना किसी ओर

ज्ञान हुवा तब

मात पिता का करो ध्यान

इनके ही श्री चरणों में विराजे चारो धाम

इनकी सेवा से अमन मिले

इनके आर्शीवाद से ही राम मिले

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