Sunday, October 25, 2009

राधा मोहन

ओ मेरे प्यारे मोहन

ओ मेरे राधा मोहन

प्रीत तुने ऐसी सिखलायी

हर दिलो में प्यार की ज्योत जलाई

सुन के तेरी अनुराग

कर सका ना कोई इनकार

झूम रहे नर और नारी

सुन के तेरी मधुर तान

थाम लिया तुने प्रेम का दामन

राधा रानी के साथ

लुटा दिया प्रेम अनुराग

बाँध लिया प्यार की डोरी से

राधा रानी का हाथ

दिखा दिया जग को

प्रेम ही है सच्ची राह

दे दिया जीने का मूलमंत्र

प्यार में ही बसे जीवन सार

ओ मेरे प्यारे मोहन

ओ मेरे राधा मोहन

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