Wednesday, October 28, 2009

आगमन

सूर्य उदय हो आया

पूरब में लालिमा निखर आई

पंछियो ने शोर मचाया

जागो भोर हो आई

खिली खिली धुप से

जीवन अंकुरित हो चला

नई सुबह के आगमन को

मन आह्लादित हो चला

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